Sunday, October 31, 2021

प्यार करते हैं कोई ख़ता तो नहीं

प्यार करते हैं कोई ख़ता तो नहीं।
दिल में क्या है तुम्हारे पता तो नहीं।।

आज आँखों से आँखे मिला लीजिए।
कल कहां हों किसी का पता तो नहीं।।

तुमने कितना कुछ मुझको कह तो दिया।
पर किसी बात का मुझे,अब गिला तो नहीं।।

स्वरचित एवं मौलिक रचना
ज्ञानेश्वर आनन्द "ज्ञानेश" किरतपुरी
राजस्व एवं कर निरीक्षक

Thursday, October 14, 2021

कुदरत नहीं मिलती उसे, कुदरत नहीं मिलती।
जिस शख्स के सीने में, मुहब्बत नहीं मिलती।।
शायर
ज्ञानेश्वर आनन्द ज्ञानेश किरतपुरी

ग़ज़ल का मतला

इस सूरत भी दुनिया में अब, ऐब छुपाए जाते हैं।
चाँद से उजले दामन पर कुछ, दाग़ लगाए जाते हैं।।
शायर
ज्ञानेश्वर आनन्द ज्ञानेश किरतपुरी

Friday, October 1, 2021

"स्वच्छ भारत अभियान"

स्वच्छ भारत अभियान चलेगा,  
जन-जन में यह पैगाम मिलेगा।  
स्वच्छता का जीवन आधार बनेगा, 
अपना नगर स्वच्छ और साफ रहेगा। 
कूड़ा करकट  भी नहीं मिलेगा,   
जब स्वच्छ भारत अभियान चलेगा।  
अपने घर सभी कूड़ादान रखेंगे, 
पालिका कूड़ा गाड़ी में ही डालेंगे। 
भारत को विकसित करने को, 
आपस में स्नेह और प्यार बढे़गा।  
दूषित भावनाओं का प्रसार मिटेगा, 
"भारती" को सब का साथ रहेगा।  
रचनाकार 
ज्ञानेश्वर आनन्द  "ज्ञानेश" 
राजस्व एवं कर निरीक्षक 
©® All Rights Reserved me. ...

Tuesday, September 7, 2021

एक थैली के चट्टे-बट्टे

एक थैली के चट्टे-बट्टे

लोक लुभावन करते वादे और मूर्ख बनाते जनता को।
सब एक थैली के चट्टे-बट्टे हैं नहीं सुहाते जनता को।।
सब अपनी झोली भरते हैं जनता का ये क्या करते हैं।
पाँच साल तक खून चूसते कुछ नहीं बताते जनता को।।
बेशर्मी इनकी देखो कैसे वोट मांगते फिर जनता से।
एक दूजे पर दोषारोपण कर फिर धता बताते जनता को।।
पहले तो कुछ कर ना सके अब नये वादे करते जनता से।
महँगाई का रोना रोकर सब्ज बाग दिखाते जनता को।।
पढ़-लिख के भी पकौड़े तले तो क्या फायदा है पढ़ने का।
रोजगार को चौपट कर अब स्वप्न दिखाते जनता को।।
सरकारी सम्पत्तियाँ बेचकर पेट पालने वालों को देखो।
"ज्ञानेश"अपनों का हित साधने वाले तड़पाते जनता को।।
रचनाकार
ज्ञानेश्वर आनन्द ज्ञानेश किरतपुरी
राजस्व एवं कर निरीक्षक

Saturday, June 19, 2021

शे'र

इक ख़्याल उनका ज़हन में तो आया मगर। 
उनके ख़्याल ने शायद मुझे  तरसाया बहुत।। 
शायर 
ज्ञानेश्वर आनन्द ज्ञानेश किरतपुरी