Sunday, October 31, 2021

प्यार करते हैं कोई ख़ता तो नहीं

प्यार करते हैं कोई ख़ता तो नहीं।
दिल में क्या है तुम्हारे पता तो नहीं।।

आज आँखों से आँखे मिला लीजिए।
कल कहां हों किसी का पता तो नहीं।।

तुमने कितना कुछ मुझको कह तो दिया।
पर किसी बात का मुझे,अब गिला तो नहीं।।

स्वरचित एवं मौलिक रचना
ज्ञानेश्वर आनन्द "ज्ञानेश" किरतपुरी
राजस्व एवं कर निरीक्षक

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