# काफिया -आ स्वर
#रफीद -कर तो देखो।
१२२ १२२ १२२ १२२
भलाई के पाले में आकर तो देखो।
बुराई से खुद को बचाकर तो देखो।।१
सानी मतला
लबों पे तरन्नुम सजाकर तो देखो।
मुहब्बत की धुन गुनगुनाकर देखो।।२
सुकूँ के लिए क्यों भटकते हो इतना।
किसी को सुकूँ दे दिलाकर तो देखो।।३
ये लोहा अगरचे बहुत सख़्त जाँ है।
ज़माना झुकेगा झुकाकर तो देखो।।४
मिटेगा तभी तो गुरूर -ओ- तकब्बुर।
हकीकत सभी को दिखाकर तो देखो।।५
पुराने अगर यार, रूठे हुए हैं।
चलो जाओ उनको मनाकर तो देखो।।६
मक्ता
वो ज्ञानेश्वर हल करेगा करेगा,
उसे मस्अला तुम बताकर तो देखो।।७
ग़जलकार
ज्ञानेश्वर आनन्द ज्ञानेश किरतपुरी
राजस्व एवं कर निरीक्षक
जनपद बिजनौर उत्तर प्रदेश


