भाजपा तूने कैसा काम घिनौना कर डाला
संत रविदास का मंदिर क्यों तुड़वा डाला।।
एक तरफ तुम कब से अयोध्या मंदिर-मंदिर चिल्लाये हो।
रविदास का छः सौ साल पुराना बना मंदिर तुड़वाये हो।।
मंदिर रविदास किसी की आस्था का प्रतीक तोड़कर।
क्या साबित करना चाहते हो उनका विश्वास तोड़कर।।
मूल निवासी को कष्ट पहुंचाकर खुश होते हो।
बाहर से आबड़े आर्य तुम क्यों यहां रहते हो।।
तनिक भी शर्म रही हो तो अयोध्या में राम मंदिर के बदले रविदास मंदिर बनवा दो।
अपने दिलों से दुष्टतापूर्ण विचारों को बाहर कर किसी की आस्था को समझा दो।।
रचनाकार
ज्ञानेश्वरानन्द भारती
राजस्व एवं कर निरीक्षक